History
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और गांधीवादी युग
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और गांधीवादी युग भारत की स्वतंत्रता की ओर ले जाने वाले महत्वपूर्ण काल को कवर करते हैं, जो महात्मा गांधी के अहिंसक प्रतिरोध और जन आंदोलनों द्वारा चिह्नित है।
13 August 2026·
5 min read
परिभाषा
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम ऐतिहासिक घटनाओं और आंदोलनों की एक श्रृंखला को संदर्भित करता है जिसने भारत को ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता दिलाई। गांधीवादी युग, इस संघर्ष के भीतर एक महत्वपूर्ण चरण (लगभग 1915-1947), महात्मा गांधी के नेतृत्व और अहिंसक प्रतिरोध (सत्याग्रह) के उनके दर्शन की विशेषता है।
मुख्य बिंदु
- गांधी का भारत आगमन: महात्मा गांधी जनवरी 1915 में दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे, अपने साथ सत्याग्रह की सफल रणनीति लेकर आए।
- प्रारंभिक सत्याग्रह: भारत में उनके शुरुआती आंदोलनों में चंपारण (1917 - नील बागान मालिक), अहमदाबाद मिल हड़ताल (1918 - औद्योगिक श्रमिक), और खेड़ा (1918 - राजस्व संग्रह के खिलाफ किसान) शामिल थे।
- असहयोग आंदोलन (1920-22): जलियांवाला बाग हत्याकांड और रॉलेट एक्ट के बाद ब्रिटिश शासन के खिलाफ शुरू किया गया पहला बड़े पैमाने पर अहिंसक आंदोलन।
- सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930-34): दांडी मार्च (नमक सत्याग्रह) के साथ शुरू हुआ, जिसने ब्रिटिश नमक एकाधिकार को चुनौती दी और पूर्ण स्वराज (पूर्ण स्वतंत्रता) की मांग की।
- भारत छोड़ो आंदोलन (1942): द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान तत्काल ब्रिटिश वापसी के लिए 'करो या मरो' का आह्वान, जिससे व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए और प्रमुख नेताओं की गिरफ्तारी हुई।
- स्वतंत्रता और विभाजन (1947): संघर्ष की परिणति, जिसके परिणामस्वरूप भारत को स्वतंत्रता मिली लेकिन भारत और पाकिस्तान में दुखद विभाजन भी हुआ।
परीक्षाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण
- आधुनिक इतिहास का मूल: सभी सरकारी परीक्षाओं के लिए आधुनिक भारतीय इतिहास पाठ्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बनता है।
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: प्रमुख आंदोलनों, नेताओं, वर्षों और विशिष्ट घटनाओं पर प्रश्न सामान्य हैं।
- भारत की नींव को समझना: स्वतंत्र भारत के राजनीतिक, सामाजिक और संवैधानिक विकास को समझने के लिए आवश्यक है।
महत्वपूर्ण तथ्य / वर्ष
- 1915: महात्मा गांधी भारत लौटे।
- 1917: चंपारण सत्याग्रह।
- 1919: रॉलेट एक्ट, जलियांवाला बाग हत्याकांड।
- 1920-22: असहयोग आंदोलन।
- 1922: चौरी चौरा घटना (जिसके कारण असहयोग आंदोलन वापस ले लिया गया)।
- 1930: दांडी मार्च (12 मार्च), सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत।
- 1931: गांधी-इरविन समझौता।
- 1942: भारत छोड़ो आंदोलन (8 अगस्त)।
- 1946: कैबिनेट मिशन योजना।
- 1947: भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम (15 अगस्त)।
याद रखें
प्रमुख आंदोलनों की कालानुक्रम और सत्याग्रह की गांधी की विकसित रणनीतियों पर ध्यान दें।
संबंधित विषय
- भारतीय राष्ट्रवाद के उदारवादी और चरमपंथी चरण
- भारत में क्रांतिकारी आंदोलन
- भारत सरकार अधिनियम (1909, 1919, 1935)
- भारत का विभाजन
- सामाजिक और धार्मिक सुधार आंदोलन
#Indian Freedom Struggle
#Gandhian Era
#Mahatma Gandhi
#Non-Cooperation Movement
#Civil Disobedience
#Quit India Movement
#Indian Independence
#Satyagraha
#Modern Indian History
#British Raj